नूर

इस शुक्रवार रिलीज़ हुई दूसरी फ़िल्म है सोनाक्षी सिन्हा की ‘नूर’ l ये भी महिला प्रधान फ़िल्म है l बॉलिवुड में नारी प्रधान फिल्मों के बनने का ट्रेंड नया नहीं है, साठ के दशक से लेकर आज के दौर तक हमेशा नायिका प्रधान फिल्में बनती रही है। पाकिस्तान की रहने वाली जर्नलिस्ट और राइटर सबा इम्तियाज के लिखे उपन्यास ‘Karachi: You are killing me’ पर आधारित फिल्म है ‘नूर’।  फ़िल्म में मुख्य भूमिकाओं में हैं सोनाक्षी सिन्हा, कनन गिल, शिबानी दांडेकर, पूरब कोहली और एमके रैना l

जो दर्शक ज़रा संजीदा और ठहराव वाला सिनेमा पसंद करते हैं नूर उनके लायक़ है l फ़िल्म का निर्देशन किया है सुन्हील सिप्पी ने l नूर की कहानी एक ऐसी महिला जर्नलिस्ट की है जो पत्रकारिता की दुनिया में अपने दम पर कुछ हटकर और डिफरेंट करना चाहती है, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता, कुछ अलग करने की चाह में नूर और उसके पापा की जान जरूर ख़तरे में पड़ जाती है।
फिल्म का संगीत अच्छा है। गुलाबी आंखें.., उफ ये नूर… जैसे गाने कहानी के साथ जाते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी कमाल का है।

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